याद शायरी
किसी की याद में शायरी — दूरियाँ, पुरानी तस्वीरें, और फिर मिलने की उम्मीद।
Banale Editorialअपडेट:
याद शायद वह सबसे साझा एहसास है जिसके लिए शायरी बनी है। गाँव में माँ-बाप और शहर में बच्चे; तीन शहरों में बिखरे कॉलेज के दोस्त; पुरानी तस्वीरें देखते दादा-दादी — दूर होने की हल्की सी टीस हर किसी ने महसूस की है। हिंदी-उर्दू शायरी सदियों से इस टीस को ऐसी शक्ल देती आई है जिसे थामा जा सके, और भेजा भी जा सके।
यहाँ की शायरी इसी काम के लिए है। ये नर्म हैं, पर नाउम्मीद नहीं — इस संग्रह में याद हमेशा फिर मिलने की तरफ़ इशारा करती है। "बहुत दिन हो गए!" लिखने की जगह एक शेर भेजिए; बात वही होगी, पर सामने वाला उसे सँभाल कर रखेगा।
दूरियाँ सिर्फ़ रास्तों की होती हैं, दिलों में तो तुम रोज़ आते-जाते हो।
Dooriyaan sirf raaston ki hoti hain, Dilon mein to tum roz aate-jaate ho.
शाम होते ही तेरा ज़िक्र छिड़ जाता है, हवा भी शायद तुझसे मिल के आती है।
Shaam hote hi tera zikr chhid jaata hai, Hawa bhi shayad tujhse mil ke aati hai.
पुरानी तस्वीरें बोलती नहीं हैं मगर, हर बार कुछ नया सुना जाती हैं।
Purani tasveerein bolti nahin hain magar, Har baar kuchh naya suna jaati hain.
याद आना शिकायत नहीं, तोहफ़ा है, हर किसी की क़िस्मत में ये मिठास नहीं।
Yaad aana shikaayat nahin, tohfa hai, Har kisi ki qismat mein ye mithaas nahin.
फ़ोन की घंटी पे अब भी लगता है, शायद उस पार से तेरी आवाज़ आए।
Phone ki ghanti pe ab bhi lagta hai, Shayad us paar se teri aawaaz aaye.
मिलना ज़रूरी नहीं याद रहने के लिए, कुछ रिश्ते ख़ुशबू की तरह साथ चलते हैं।
Milna zaroori nahin yaad rehne ke liye, Kuchh rishte khushboo ki tarah saath chalte hain.
तेरे शहर में बारिश की ख़बर आई है, यहाँ धूप में भी तेरा ख़याल भिगो गया।
Tere shahar mein baarish ki khabar aayi hai, Yahan dhoop mein bhi tera khayaal bhigo gaya.
वक़्त मरहम है, सबने यही कहा, पर याद तो वक़्त से भी पुरानी निकली।
Waqt marham hai, sabne yahi kaha, Par yaad to waqt se bhi purani nikli.
जो दूर जाके भी दुआओं में रहते हैं, वही रिश्ते असल में अमीर करते हैं।
Jo door jaake bhi duaaon mein rehte hain, Wahi rishte asal mein ameer karte hain.
याद के बहाने ही सही, मिलते तो हैं, ख़्वाबों की भी अपनी मेहमान-नवाज़ी है।
Yaad ke bahaane hi sahi, milte to hain, Khwaabon ki bhi apni mehmaan-nawaazi hai.
फ़ासले चाहे जितने भी हो जाएँ, अपनों की याद का रास्ता छोटा होता है।
Faasle chahe jitne bhi ho jaayen, Apnon ki yaad ka raasta chhota hota hai.
मुलाक़ात की उम्मीद ज़िंदा रखना, याद वही अच्छी जो मिलने पे ख़त्म हो।
Mulaaqaat ki ummeed zinda rakhna, Yaad wahi achhi jo milne pe khatm ho.
तेरी आवाज़ के पुराने वॉयस नोट, मैंने गानों की तरह सहेज रखे हैं।
Teri aawaaz ke puraane voice note, Maine gaanon ki tarah sahej rakhe hain.
वही रेसिपी, वही हाथ, वही नमक, फिर भी तेरे बिना स्वाद अधूरा है।
Wahi recipe, wahi haath, wahi namak, Phir bhi tere bina swaad adhoora hai.
कुछ गाने अब स्किप करने पड़ते हैं, धुन के साथ चेहरे भी बजते हैं।
Kuchh gaane ab skip karne padte hain, Dhun ke saath chehre bhi bajte hain.
शहर के उस नुक्कड़ से गुज़रा आज, क़दम ख़ुद-ब-ख़ुद धीमे हो गए।
Shahar ke us nukkad se guzra aaj, Kadam khud-ba-khud dheeme ho gaye.
नक़्शा कहता है हज़ार किलोमीटर, याद कहती है बस आँख भर की दूरी।
Naqsha kehta hai hazaar kilometre, Yaad kehti hai bas aankh bhar ki doori.
तेरी लिखावट मिली पुरानी कॉपी में, लगा तेरा हाथ पकड़ के फिर चला हूँ।
Teri likhaavat mili puraani copy mein, Laga tera haath pakad ke phir chala hoon.
त्योहार अब जल्दी ख़त्म हो जाते हैं, रौनक़ आधी तो तुमसे आती थी।
Tyohaar ab jaldi khatm ho jaate hain, Raunaq aadhi to tumse aati thi.
अगली मुलाक़ात की तारीख़ रख लो, याद को भी कोई ठिकाना चाहिए।
Agli mulaaqaat ki taareekh rakh lo, Yaad ko bhi koi thikaana chaahiye.
याद शायरी कैसे भेजें कि बोझिल न लगे
याद की शायरी दरवाज़े पर हल्की दस्तक की तरह भेजी जाए तो सबसे अच्छी लगती है, इक़रारनामे की तरह नहीं। अच्छे मौक़े: जब कोई गाना या गली किसी की याद दिला दे; साथ किए सफ़र की सालगिरह पर; जब कोई दोस्त शहर छोड़े; या माँ-पापा को इतवार के फ़ोन से पहले। ऐसे भेजा गया शेर बस इतना कहता है — "तुम याद आए।" और इतना ही काफ़ी है।
दो सावधानियाँ। जो पहले से दुखी है, उसे उदास शायरी का ढेर न भेजें — एक उम्मीद भरी पंक्ति चुनें (इस संग्रह की आख़िरी शायरियाँ ऐसी ही हैं)। और बड़ों को हमेशा देवनागरी में भेजें — उनके लिए लिपि भी अपनेपन का हिस्सा है।
पाठकों के सवाल
- क्या याद शायरी और दर्द शायरी एक ही हैं?
- मिलती-जुलती हैं, पर एक नहीं। दर्द शायरी टूटे दिल के पास बैठती है; याद शायरी उस शख़्स की मौजूदगी के बारे में है जो पास नहीं है — और यह एहसास गर्म, शुक्रगुज़ार, मीठा भी हो सकता है। यहाँ की ज़्यादातर शायरी माँ-बाप, पुराने दोस्त या भाई-बहन को भी भेजी जा सकती है। टूटे दिल के लिए हमारा दर्द शायरी संग्रह देखिए।
- जो दोस्त अभी-अभी विदेश गया है, उसे क्या भेजूँ?
- दर्द वाली नहीं, दूरी के बावजूद क़ायम रिश्तों वाली शायरी चुनिए — इस संग्रह में ख़ुशबू जैसे रिश्तों और याद के छोटे रास्तों वाली पंक्तियाँ इसी के लिए हैं। शेर से पहले अपनी एक सच्ची पंक्ति जोड़ दीजिए; एक शेर और एक सच्चा वाक़्य लंबी औपचारिक बातों से बेहतर है।
- क्या ये शायरी मौलिक हैं?
- हाँ — बारहों शायरी इसी संग्रह के लिए लिखी गई हैं और मशहूर पंक्तियों से मिलान करके परखी गई हैं। अगर आप अपने किसी ख़ास इंसान और लम्हे के लिए शायरी चाहते हैं, तो इसी साइट का कंपोज़र आपके शब्दों से मौलिक शेर लिख देता है।
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