शायरी की किताब, हर दिन नई
हर पल के लिए रोज़ नई शायरी
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मेरी शायरी बनाएँसूरज की पहली किरण तेरे नाम, खुशियों से भरा हो तेरा हर सुबह-शाम।
Suraj ki pehli kiran tere naam, Khushiyon se bhara ho tera har subah-shaam.
तेरी आँखों में जो ठहर सा गया हूँ मैं, खुद को ढूँढता हूँ, तुझमें खो गया हूँ मैं।
Teri aankhon mein jo thehar sa gaya hoon main, Khud ko dhoondhta hoon, tujhmein kho gaya hoon main.
ठोकरें ही तो रास्ता बनाती हैं, गिर के उठने वालों को मंज़िल बुलाती है।
Thokarein hi to raasta banaati hain, Gir ke uthne walon ko manzil bulaati hai.
मौलिक शायरी के चुने हुए संग्रह — सुबह के ग्रुप के लिए, किसी अपने के लिए, किसी दोस्त के लिए।
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